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हनुमान चालीसा यंत्र लॉकेट ऑप्टिकल लेंस पर छपी चालीसा गोल्ड प्लेटेड चेन के साथ
हनुमान चालीसा यंत्र लॉकेट ऑप्टिकल लेंस पर छपी चालीसा गोल्ड प्लेटेड चेन के साथ
हनुमान चालीसा यंत्र लॉकेट ऑप्टिकल लेंस पर छपी चालीसा गोल्ड प्लेटेड चेन के साथ
1.जीवन में दुःख एवं दरिद्रता से मुक्ति मिलती है तथा धन का आगमन होता है।
2.किसी बहुत समय से रुके हुए कार्य को पूरा करने में यह कवच बहुत सहायक सिद्ध हुआ है।
3.यदि बहुत समय से कोई बीमारी जातक को घेरे हुए है तो उस से मुक्ति मिलती है और शरीर स्वस्थ बना रहता है।
4.छोटे बच्चो को हनुमान चालीसा कवच धारण करने से उन्हें नजर नहीं लगती तथा वह तमाम बीमारियों से दूर रहते है।
हनुमान चालीसा कवच जातक को सभी प्रकार की बुरी शक्तियों से बचाता है। इस कवच को धारण करने से मनुष्य पिशाच योनि से बचा रहता है। यदि किसी भी यक्ति के ऊपर या उसके घर पे कोई काला जादू टोना कर रखा हो तो हनुमान चालीसा कवच लॉकेट धारण करने से उस नकारात्मक ऊर्जा का व्यक्ति पर कोई भी असर प्रभावी नहीं होता है।
(1).हनुमान चालीसा कवच लॉकेट क्या है?
हनुमान चालीसा कवच [1]कलयुग की वो संजीवनी बूटी है जिसके उपयोग मात्र से मनुष्य के जीवन के सारे कष्ट खत्म हो जाते। माना जाता है की कलयुग मे अगर कोई हमारा कष्ट हरता है तो वो सिर्फ हनुमान जी है जिनको अमर माना गया है। पुराणों में बताया गया है कि जब जब कलयुग में प्राणियों पर कोई भी विपत्ति आएगी तो सिर्फ भगवान हनुमान जी रक्षा करेंगे। इसी तरह जातक को परेशानियों के समय हनुमान जी हनुमान चालीसा कवच लॉकेट को धारण करने वालों को दुखों से मुक्ति दिलाएंगे।
हनुमान चालीसा कवच लॉकेट को गले मे पहनने से सारे गंभीर रोगों से मुक्ति मिलती है, अनहोनी की आशंका एकदम समाप्त हो जाती है तथा किसी भी तरह की नकारात्मक ऊर्जा पास नहीं आती है। हमारे पुराणों में दिया गया है कि त्रेता युग में भगवान श्री राम ने रावण का संहार करने के लिए हनुमान चालीसा कवच का पाठ करके हनुमान कवच की उत्पत्ति की थी जिसके प्रभाव से प्रभु श्रीराम ने रावण सहित पूरी लंका का संहार किया था।
(2)हनुमान चालीसा कवच लॉकेट के लाभ?
1. हनुमान लॉकेट धारण करने से दरिद्रता से मुक्ति मिलती है तथा उन्नति का मार्ग तैयार होता है।
2. गंभीर बीमारी से निजात मिलती है और शरीर में ऊर्जा आती है।
3. श्री हनुमान चालीसा कवच को धारण करने से बुरे सपने नहीं आते है।
4. रुके हुए सभी कार्यों को गति मिलती है एवं नये कार्यों में सफलता हाथ आती है।
5. जादू-टोने का असर एकदम शून्य रहता है।
6. श्री हनुमान चालीसा कवच कुंडली में मौजूद दोषों के असर को कम करने का कार्य करता है।
(3)हनुमान चालीसा कवच लॉकेट को कैसे धारण करें?
किसी भी कार्य को पूर्ण करने की एक विधि होती है इसी तरह से हनुमान चालीसा कवच लॉकेट को भी पूरे विधि विधान से धारण करना चाहिए।
1. इसको धारण करने के लिए सबसे शुभ दिन मंगलवार को माना गया है। मंगलवार को स्नान करके पीले या लाल वस्त्र पहन कर प्रातः में किसी भी हनुमान मंदिर में जाना चाहिए।
2. मंदिर मे आने के पश्चात् गंगा जल का छिड़काव करें और हनुमान जी की तरह मुख कर के बैठ जाएँ।
3. चमेली के तेल का दीपक जलाएं और मुट्ठी में फूल, चावल लेकर हनुमान जी का ध्यान करें।
4. सिन्दूर मे चमेली का तेल मिला कर यंत्र को लपेट ले और 108 बार हनुमान चालीसा कवच मंत्र ”श्री हनुमंते नमः” का जाप करें।
5. श्री हनुमान चालीसा कवच को गंगा जल से धोने के बाद इसे धारण कर ले और प्रसाद बाँट दे।
(4)हनुमान चालीसा 7 बार पढ़ने से क्या होता है?
कहते हैं हनुमान चालीसा में अद्भुत शक्तियां होती है जो सभी के दुःख दर्द दूर रखने का सामर्थ्य रखती हैं। हनुमान जी का जो भी भक्त हनुमान चालीसा का सच्चे मन से लगातार 7 बार पाठ करता है उसकी हर मनोकामना पूर्ण होती है। इसके लिए हनुमान चालीसा का पाठ सूर्य देव के सामने या प्रभु श्री राम की प्रतिमा के सामने करे। कुछ ही दिनों में आपको असर दिखना शुरू हो जाएगा।
(5)हनुमान चालीसा का पाठ कब करना चाहिए?
वैसे तो संकटमोचक हनुमान अपने भक्तों की हर समस्या को दूर करते हैं परन्तु हनुमान चालीसा का विशेष रूप से पाठ तब किया जाता है जब यदि आपको बार-बार बुरे सपनें आ रहे हैं, हर समय मन में भय बना रहता है, भूत-प्रेत सता रहे हैं या फिर तंत्र-मंत्र के बुरे प्रभाव आप पर हावी हैं तो ऐसी परिस्थितियों में आपको अवश्य ही हनुमान चालीसा का पाठ करना चाहिए।
(6)हनुमान चालीसा कितने बजे पढ़ना चाहिए?
हनुमान चालीसा पढ़ने का समय सूर्योदय से पहले होता है। दूसरे शब्दों में कहें तो चालीसा को ब्रह्ममुहूर्त में पढ़ना शुभ माना जाता है।
(7)हनुमान चालीसा कितने दिन में सिद्ध होता है?
हनुमान चालीसा को सिद्ध करने के लिए 21 दिनों की नियमितता बहुत आवश्यक है। 21 दिनों में सच्चे मन से विधिपूर्वक की गई साधना के बाद ही चालीसा को सिद्ध किया जा सकता है।
(8)हनुमान चालीसा पढ़ने के क्या नियम है?
1. मंगलवार के दिन ब्रह्ममुहूर्त में उठकर स्नानादि क्रिया से निवृत हो जाएँ।
2. हनुमान जी की प्रतिमा को पूजा घर में स्थापित करें।
3. चालीसा पाठ करने से पूर्व भगवान गणेश की पूजा की जानी चाहिए।
4. इसके पश्चात प्रभु श्री राम और सीता माता का ध्यान करें।
5. अब हनुमान जी का ध्यान कर संकल्प ले और चालीसा पाठ शुरू करें।
6. जब हनुमान चालीसा पाठ पूर्ण कर ले और फिर प्रभु श्री राम का ध्यान करें।
7. फिर हनुमान जी को भोग में बूंदी के लड्डू और मौसमी फल अर्पित करें।
(9)क्या महिलाएं हनुमान चालीसा पढ़ सकती हैं?
हनुमान जी ब्रह्मचारी थे इसलिए हनुमान जी की पूजा के संबंध में ऐसा कहा जाता है कि केवल पुरुष ही उनकी पूजा कर सकते हैं। हालाँकि महिलाएं हनुमान जी की पूजा में गूग्गल की धूनी रमाकर, हनुमान चालीसा का पाठ कर, हनुमान अष्ट और सुंदरकांड का पाठ कर तथा भोग प्रसाद अपने हाथों से बनाकर अपना योगदान दे सकती हैं।
Product Description:
1.Size: 30 mm, Chain: 21 Inch
2.Color: Golden
3.Material: Rudraksha Origin:- Brass (Premium Quality)
4.In the Box: 1 Hanuman Chalisa Kavach + 1 Chain
Key Points:
1.Product will be delivered in 3-7 working days.
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product dimensions- 14 x 2 x 12 cm (LXWXH)|| Material - acrylic|| Color - Gold Don't Wash, Use Dry Cotton Cloth To Remove Dirt
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