Shree khatu Shyam Baba Ji
वास्तु शास्त्र के अनुसार में श्री मेरु यानि कछुआ रिंग बहुत शुभ है. कछुए की अंगूठी इंसान के लिए लाभकारी भी है. इस अंगूठी के प्रभाव से अनेक दोष शांत होते हैं.
वास्तु शास्त्र के अनुसार में श्री मेरु यानि कछुआ रिंग बहुत शुभ है. कछुए की अंगूठी इंसान के लिए लाभकारी भी है. इस अंगूठी के प्रभाव से अनेक दोष शांत होते हैं.
मेरु रिंग (Meru Ring) के फायदे और जाने मेरु की अंगूठी कैसे पहनें?
सोचिये अगर मेहनत के साथ किस्मत भी आपका साथ देने लगे तो कहना ही क्या है। मेहनत तो हमारे हाथ मे है लेकिन किस्मत आपके ग्रहों में समाहित है। किस्मत को पार लगाने के लिए लोग तरह तरह के जतन करते है परन्तु ज्ञान के अभाव में सही तरह से उपाय नहीं कर पाते। इसी कारणवश हम आज अपने लेख में एक ऐसी अंगूठी का जिक्र करेंगे जिससे आपकी किस्मत का ताला चुटकियों में खुल जाएगा। यह अंगूठी है मेरु की। पौराणिक ग्रंथों के अनुसार Meru Ring एक अजूबा है। इसका संबंध ग्रहों के सर्वोच्च बिंदु से है। इस अंगूठी को धारण करने से माँ लक्ष्मी सदैव्य के लिए आपके जीवन मे प्रवेश करती है जिससे धन एवं संपत्ति की कभी कमी नहीं होती तथा जातक को जीवन मे कभी भी पैसो के लिए नहीं भटकना पड़ता है।
Meru Ring: भारतीय ज्योतिष और पौराणिक ग्रंथों के अनुसार पुरानी कथाओं और लोक कहानियो मे Meru ( मेरु ) का मतलब प्रसिद्ध पर्वत या फिर उच्च चोटी से होता था। Meru Ring को Tortoise ring अथवा कछुआ रिंग भी कहा जाता है क्यूंकि इसकी आकृति कछुआ के सामान होती है। यह Meru Ring एक तरह की अपने आप में एक चमत्कार है जिसकी सहायता से आप अपने जीवन मे एक सकारात्मक बदलाव लाके खुशियों का आगमन करवा सकते है। इसकी ऊर्जा इतनी तीव्र होती है जिससे मनुष्य में अलग ही तरह से आत्मविश्वास आता है और वह जीवन के हर मुकाम मे सफलता हासिल करता है।
पुराणों के आधार पर माना जाता है की भगवान विष्णु ने कछुआ का रूप लिया था और यही वजह है की हमारे शास्त्रों में कछुए को बहुत पवित्र माना जाता है। माँ लक्ष्मी का वास सदा ही भगवान विष्णु के साथ रहता है तभी यह कहा गया है की जिस घर में कछुए की आकृति की कोई भी वस्तु होती है वहां माँ लक्ष्मी सदैव निवास करती है और सुख समृद्धि हमेशा बनी रहती है।
मेरु रिंग कैसे पहने
Meru Ring को पहनने से पहले यह ध्यान रखे की कछुआ रिंग का सिर वाला भाग उसको धारण करने वाले व्यक्ति की दिशा की ओर होना चाहिए इस से धन आपके जीवन की तरफ आकर्षित होता है। यदि आप इसे गलत तरीके से पहनेगे तो धन आने की बजाय आपके जीवन से चला जाएगा और धन हानि होगी। यह भी धयान रखे की Meru Ring को बार-बार उतारे नहीं और ना ही इसे घुमाये ऐसा करने से कछुए रिंग के नुक्सान आपको देखने पड़ेंगे।
मेरु अंगूठी किस उंगली में पहनें
Meru Ring को आप हमेशा सीधे हाथ की मध्यमा यानी बीच वाली उंगली या अंगूठे की नजदीक वाली तर्जनी उंगली में ही धारण करें। ऐसा करने से आपको लाभ जल्दी मिलेगा।
मेरु रिंग किस दिन पहने
Meru Ring को भगवान विष्णु ओर माँ लक्ष्मी से जोड़ा गया है इसीलिए Meru Ring को शुक्रवार के दिन धारण करना ही शुभ माना जाता है।
ध्यान रखे की Meru Ring विश्वास वाली जगह से ही खरीदें जिससे आपको इसके उचित परिणाम मिलेंगे। आप हमारी वेबसाइट से भी यह Meru Ring प्राप्त कर सकते है जहाँ पर यह अंगूठी माँ लक्ष्मी और भगवान विष्णु के मंत्रों द्वारा पूजन विधि से अभिमंत्रित करके आपके पास भेजी जाएगी ताकि आपको यह ज्यादा लाभ दे सके।
श्री मेरु अंगूठी
भारतीय पौराणिक ग्रंथों, कहानियों तथा लोक कथाओं में मेरु का जिक्र किया गया है, मेरु का अर्थ पौराणिक ग्रंथों में प्रसिद्ध पर्वत या उच्च बिंदु से है, श्री मेरु अंगूठी अपने आप में एक अजूबा है। इसको धारण करने से जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का प्रवेश होता है। इस अंगूठी की विशेषता है की इसकी बनावट कछुए की आकृति जैसी है।
विवरण
| धातु: | पंच धातु |
| जेम्स्टोने: | जिरकॉन |
| अँगूठी की मात्रा: | 2 अँगूठी |
| साइज़: | एडजस्टेबल |
| अभिमंत्रित: |
पंडित सूरज शास्त्री |
पौराणिक ग्रंथों, कहानियों तथा लोक कथाओं के आधारपर समुद्र मंथन के दौरान भगवान् विष्णु ने कछुए का रूप धारण किया था और इसी कारण शास्त्रों और हिन्दू धर्म में कछुए का बहुत महत्व है। वास्तु के अनुसार जिस घर में कछुए से सम्बंधित कोई भी वस्तु होती है वहां पर कभी भी धन संपत्ति से सम्बंधित दिक्कते नहीं होती।
कछुए की आकृति वाली श्री मेरु अंगूठी धारण करने से होनेवाले लाभ
- दरअसल कछुए वाली अंगूठी को वास्तुशास्त्र में शुभ माना गया है। यह अंगूठी व्यक्ति के जीवन के कई दोषों को शांत करने का काम करती है।
- इस अंगूठी के प्रभाव से आत्मविश्वास में बढ़ोत्तरी होने के साथ साथ मनोबल भी बढ़ता है।
- समुद्र मंथन की पौराणिक कथा के अनुसार कछुआ समुद्र मंथन से उत्पन्न हुआ था और साथ में देवी लक्ष्मी भी वही से आई थी, इस तरह से श्री मेरु अंगूठी धारण करने वाले जातक को माँ लक्ष्मी का आशीर्वाद प्राप्त होता है।
- यह अंगूठी धैर्य, शांति, निरंतरता और समृद्धि का भी प्रतिक है, कछुए की आकृति वाली श्री मेरु अंगूठी के प्रभाव से समृद्धि की प्राप्ति होती है।
- व्यापार में सफलता पाने के लिए आप श्री मेरु अंगूठी धारण कर सकते हैं। अगर आप अपने बिजनेस को आगे बढ़ाना चाहते हैं या बिजनेस में घाटा हो रहा है तो आपको श्री मेरु अंगूठी पहननी चाहिए।
- इस अंगूठी के प्रभाव से व्यापार में अगर कोई शत्रु या प्रतिस्पर्धी है तो वह अपने आप ही परास्त हो जाएगा।
- श्री मेरु अंगूठी धारण करने से भगवान विष्णु के साथ साथ माँ लक्ष्मी भी प्रसन्न होती है और इसे धारण करने वाले व्यक्ति को जीवन में कभी भी धन की कमी महसूस नहीं होती है। अचानक धन प्राप्ति के मार्ग प्रशस्त होने लगते है। रुका हुआ धन या कर्ज जैसी स्थिति से छुटकारा मिलता है।
- ये श्री मेरु अंगूठी धारणकर्ता को वास्तु दोष से मुक्त कराने में अहम् भूमिका निभाती है।
ध्यान रखने योग्य बातें
ध्यान रखे की इस अंगूठी को इस तरह से पहनें की कछुए के सिर वाला हिस्सा पहनने वाले व्यक्ति की ओर आना चाहिए। अगर कछुए का मुख बाहर की ओर होगा तो धन आने की बजाय हाथ से चला जाएगा और आप कंगाल हो जायेंगे।
श्री मेरु अंगूठी पहनने के बाद इसे अधिक घूमाना या बार-बार उतारकर कहीं पर भी रखना सही नहीं होता, अधिक बार घूमाने से कछुए का सिर अपनी दिशा बदलेगा जो की आने वाले धन में रूकावट ला सकता है।
हमसे क्यों लें
भाग्य कमजोर होने से कई बार मन के अनुकूल सफलता नहीं मिलती है. हर इंसान धनवान नहीं होता है, उसके जीवन में पैसों से जुड़ी समस्याएं आती रहती हैं. पैसों की कमी के कारण जीवनयापन में भी कई प्रकार की दिक्कतों का सामना करना पड़ता है. इसके अलावा कई बार इंसान कर्ज की बोझ से बहुत अधिक परेशान हो जाते हैं. इन सभी प्रकार की परेशानियों को दूर करने के लिए कछुआ का रिंग मददगार हो सकता है. कछुआ का रिंग किस प्रकार परेशानियों से छुटकारा दिलाता है, इसे जानते हैं.
मां लक्ष्मी होती हैं खुश
वास्तु शास्त्र के अनुसार में श्री मेरु यानि कछुआ रिंग बहुत शुभ है. कछुए की अंगूठी इंसान के लिए लाभकारी भी है. इस अंगूठी के प्रभाव से अनेक दोष शांत होते हैं. साथ ही यह रिंग आत्मविश्वास को बढ़ाती है. इसके अलावा इस अंगूठी के प्रभाव से मां लक्ष्मी भी प्रसन्न होकर घर वास करती हैं.
धन बढ़ाने में भी मददगार
कछुआ का संबंध मां लक्ष्मी और भगवान विष्णु से है. ऐसे में कछुआ का रिंग पहनने से जीवन में सफलता मिलती है. साथ ही जीवन में सकारात्मकता बनी रहती है. इसके अलावा कछुआ रिंग धन बढ़ाने में भी मददगार साबित हो सकता है. साथ ही घर में बरकत भी रहती है.
लव लाइफ और वैवाहिक जीवन में बढ़ता है प्यार
कछुए की अंगूठी पति-पत्नी और प्रेमी-प्रेमिकाओं के बीच प्यार बढ़ाता है. साथ ही जिंदगी में खुशहाली आती है. इस अंगूठी को पहनने से मन में बुरे ख्याल नहीं आते हैं. साथ ही नकारात्मक ऊर्जा भी दूर भागती है.
दोस्तों जब आप ये कश्यप स्वरूप वाली मेरु रिंग को धारण करते है तो स्वयं भगवान विष्णु का साथ आपको मिल जाता है और किस के पास संसार के पालन करता भगवान विष्णु मौजूद हो तो फिर आप ही बताइए क्या किसी को इतनी सी भी परेशानी हो सकती है क्या? बिलकुल नहीं। सुखी परिवार की मन्नत हो यां नये घर की इच्छा हो शरीर के कष्टों का कोई धर्म संकट को हर समस्या का निवारण मिलेगा जो चाहे माँग लो मेरु रिंग की आलोकित शक्तियों के प्रभाव से रैंक से राजा बन्ने में देर नहीं लगती मित्रों।
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